कंपनी
का एक उत्पाद विकास केंद्र
है जो निम्नलिखित क्षेत्रों
में अनुसंधान एवं विकास
क्रियाकलापों का संपादन करता
है :
उच्च
कार्यनिष्पादक फैटलिकर्स
साफिस्टिकेटेड
सिंटैक्स
टैनिंग
एवं फैटलिकरिंग के लिए पर्यावरण
के अनुकूल उत्पाद
पोलिमर
आधारित टैनिंग पद्धति
भारत
में अनुसंधान एवं विकास
स्थापनाओं के मानकों की देखभाल
करने वाली भारत सरकार की एक
नोडल एजेंसी विज्ञान एवं
औद्योगिक अनुसंधान विभाग
द्वारा इस कंपनि को मान्यता
दी गई है । यह केंद्र बीवीक्यू1
द्वारा
डिजाइन एवं विकास के लिए आईएसओ
9000
2000
क्यूएमएस
से प्रमाणित भी किया गया है
।
इस
केंद्र ने भारत में सल्फोक्लोरिनेशन
के आंतरिक विकास एवं वाणिज्यिकरण
के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका
निभाई है । इस केंद्र ने चर्म
उद्योग के लिए नए उत्पाद के
विकास हेतु इंडियन इंस्टिटयूट
ऑफ साइंस,
बैंगलूर,
इंडियन
केमिकल टेक्नोलॉजी,
हैदराबाद,
इंडियन
इंस्टिटयुट ऑफ टेक्नोलॉजी,
खड़गपुर,
सेंट्रल
लेदर रिसर्च इंस्टिटयुट,
चेन्नै
जैसे राष्ट्रीय संस्थानों
के साथ गठबंधन किया है ।
यह
केंद्र स्टेट ऑफ द आर्ट उपकरण
सुविधाओं से संपन्न है ताकि
उत्पाद एवं प्रक्रिया विकास
को समर्थित किया जा सके तथा
अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए
सुसंपन्न पायलट संयंत्र भी
है । इस केंद्र में सुसंपन्न
व्यवहार विकास प्रयोगशाला
भी है ताकि उत्पादों का मूल्यांकन
किया जा सके । इसके अतिरिक्त
सुयोग्य वैज्ञानिक एवं चर्म
प्रौद्योगिकीविद भी है जो
आर्ग्रेनिक सिंथेसिस,
पोलिमर
विज्ञान एवं निर्माण विज्ञान
के क्षेत्र में विशेषज्ञता
रखते हैं जिससे नए विलेयों
का निर्माण हो सके ।